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तुम से है

चाहतों की मेरी दिलकशी तुम से है जिंदगी की कसम ज़िन्दगी तुम से है मैं नहीं जानता रब है  या भी नहीं मेरी चाहत की  हर बंदगी तुम से हैं रात पूनम की हो या अमावस की अब मेरे जीवन की हर चांदनी तुम से हैं बात यह है नहीं साथ तुम हो नहीं बात यह है कि ये दिललगी तुम से हैं कोई कुछ भी कहे  फर्क पड़ता नहीं अब सनम  सिर्फ यह आशिक़ी तुम से हैं ©अनिल के राय

फ्रेंडशिप डे

मैक्स उठा मोबाइल खोजा तकिये के अंदर मिली लॉक बटन दबाया वोह नो.. ग्यारह बज गए लॉक पैटर्न पर ऊँगली घुमाया दो चार नोटिफिकेशन पाया वोह यार आज तो फ्रेंडशिप डे है उसने तुरंत गूगल खोल फ्रेंडशिप डे शायरी टाइप किया दो चार अच्छे लाइनों पे कॉपी के लिए ऊँगली घुमाया और सबसे पहले अपनी गर्लफ्रेंड के व्हॉट्सऍप पर दे चपकया फिर बारी-बारी से उसी मैसेज़ को फ्रेंडशिप डे का टैग लगाकर सबको चपकया कुछ देर बाद किसी ने वही मैसेज़ मैक्स को चपकया उसने रिप्लाई में हंसी के दो इमोजी भेजे और उसे भी रिप्लाई में बस यही मिल पाया ऐसे ही मैक्स ने फ्रेंडशिप डे मनाया । ©अनिल के राय Anil K. Ray www.facebook.com/anilkray.fanpage

तानाशाही अंदाज़ दिखाने वाली

            सिंहासन हिल उठा पत्रकारो ने भी हार मानी थी आज़ाद भारत में भी फिर से छाई गुलामी थी उसके शक्ति की कीमत को सबने पहचानी थी जेपी को दूर करने को उसने मन में ठानी थी चमक उठी थी सन् पचहत्तर में वो अंदाज़ सियासी थी आडवाणी, लालू ,मुलायम और वाजपेयी के मुंह हमने सुनी कहानी थी तानाशाही अंदाज़ दिखानी वाली वो तो फ़िरोज़ की रानी थी बंगाल के सीएम सिद्धार्त की वो मुँहबोली मेडम थी इंदरा नाम, पिता की वो संतान अकेली थी संजय का ही सुनती थी, किचेन केबिनेट चलाती थी हिटलर की कथाएँ उसको याद ज़ुबानी थी देवोगेड़ा,  त्यागी और वरिष्ठ पत्रकारों के मुंह हमने सुनी कहानी थी तानाशाही अंदाज़ दिखाने वाली वो तो नेहरू की लाडली थी ।  ©अनिल के. राय Anil K. Ray www.facebook.com/anilkray.fanpage

वरना कयामत हो जायेगी ..!!

क्या खता हो गई मुझसे  जो आज कल मिलना तक भूल गई  कल तक - तुम्हे मेरी बातों से इनकार नहीं था  आज तुम्हारी ओठो से न सुन रहा हूँ  मेरे प्यार में कुछ कमी रह गई है  या तुम मिलना हीं नहीं चाहती || सुना है जब प्यार की गहराई मे शक की लकीर खीच जाती है  तो मिलने वाला भी  मिलना तक नहीं चाहते है  कहीं ऐसी बात तो नहीं  शक के बादल कभी घटते नहीं  यह बात दिल में रखना  दिल भी तुम्हे मिलाना चाहता है  इसलिए - शक की निगाह से मुझे मत देखो  वरना कयामत हो जायेगीं ||

तुम्हारी बातें ..!!

जब तुम कहती हो  प्यार भरी बातें  तो लगता हैं जैसे - कोयल ने कूक लगायी है || हस्ती हो जब तुम  मेरी प्यार भरी बातों को सुनकर  तो लगता है जैसे - मोतियों की लड़ी अपनी कला दिखाई हो || रास्ते में चलती हो  जब तुम बलखाके  तो लगता है जैसे - सावन की काली घटा पगलाई है || जब देखती हो तुम मुझे  प्यार भरी नज़रो से  तो लगता है जैसे - दिल के सुने बागो मे बसंत बहार आयी है || मेरी नज़रे जब कभी फिसल कर  तुम्हारे गोरे गालो पे पड़ती है  तो लगता है जैसे - मैख़ाने से निकलकर शराब की प्याली आयी है || अनजान अब तुम्हारे उस चांदी सा बदन का  क्या तारीफ़ करूँ .. तेरी हर एक अंग में बिजली समायी है ||