इश्क़नामा

हाँ..‘एहसास’, ये भी एक कमाल की चीज़ है, इस ज़िन्दगी को कुछ मिले या न मिले पर किसी तरह का एहसास ज़रूर मिल जाता है और ऐसा ही एक एहसास मेरी ज़िन्दगी ने भी महसूस किया था |     

 इन्ही एहसासों की डायरी है .. इश्क़नामा

Comments

Popular posts from this blog

Zero: A Vedic Perspective on the Concept of Nothingness

तानाशाही अंदाज़ दिखाने वाली

फ्रेंडशिप डे