तुम से है
चाहतों की मेरी दिलकशी तुम से है जिंदगी की कसम ज़िन्दगी तुम से है मैं नहीं जानता रब है या भी नहीं मेरी चाहत की हर बंदगी तुम से हैं रात पूनम की हो या अमावस की अब मेरे जीवन की हर चांदनी तुम से हैं बात यह है नहीं साथ तुम हो नहीं बात यह है कि ये दिललगी तुम से हैं कोई कुछ भी कहे फर्क पड़ता नहीं अब सनम सिर्फ यह आशिक़ी तुम से हैं ©अनिल के राय