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तुम्हारी बातें ..!!

जब तुम कहती हो  प्यार भरी बातें  तो लगता हैं जैसे - कोयल ने कूक लगायी है || हस्ती हो जब तुम  मेरी प्यार भरी बातों को सुनकर  तो लगता है जैसे - मोतियों की लड़ी अपनी कला दिखाई हो || रास्ते में चलती हो  जब तुम बलखाके  तो लगता है जैसे - सावन की काली घटा पगलाई है || जब देखती हो तुम मुझे  प्यार भरी नज़रो से  तो लगता है जैसे - दिल के सुने बागो मे बसंत बहार आयी है || मेरी नज़रे जब कभी फिसल कर  तुम्हारे गोरे गालो पे पड़ती है  तो लगता है जैसे - मैख़ाने से निकलकर शराब की प्याली आयी है || अनजान अब तुम्हारे उस चांदी सा बदन का  क्या तारीफ़ करूँ .. तेरी हर एक अंग में बिजली समायी है ||